फिर क्या

घर से निकला था कुछ करने को भीड़ से अलग होने को पर जिस भी ओर अकेले चलने को सोचा सामने एक मजमा पहले से खड़ा पाया, फिर क्या वहाँ रूकता तो मैं कहाँ रहता गुम हो जाता या किसी के पैरों तले कुचला जाता इसी डर से वापस घर लौट आया @NidhiSuryavansi

Quotes from ‘the monk who sold his Ferrari

I once read that people who study others are wise but those who study themselves are enlightened." The purpose of life is a life of purpose' ad rem vita est vita' Trust yourself. Create the kind of life you will be happy to live all your life. Nourish your spirit. Do the things you fear. [...]

Poetry- My mother said

What we can give to our mothers thinking whole day And seeing listening to all how they are posting images with their mothers and thanking her For being their strength Showing love to giving her gifts Was listening a women was talking that how she always used to take ‘black rasgulla’ sweet for her mother [...]

डायरी अधूरी यादों की

डायरी अधूरी यादों की उसकी पुरानी बातों की है जिसमें लिखी उसने कहानी अपने बचपन की खो-खो की बारिश में तैरती काग़ज़ की नावों की उसके खेतों की उसके गाँवों की... कहानी, उसके धूप की उसके छावों की दास्ताँ मुश्किल सफ़र के उसकी दुखते कंधे नगें पाँवों की। कल माँ की बहुत पुरानी डायरी निकाली [...]

वक़्त ही तो था

वक़्त ही तो था जो गुजर गया आज़ादी के साए में कोई रिवायत होती तो चली आती। चाहे कुचलती वो कितनी उम्मीदों कितने नए सपनों को, जला देती उड़ने को बेसब्र उन परिंदों के पंखों को। पर आज मुकम्मल तो कहलाती हाँ कोई नए घरौंदें नहीं बनते, नए मेहमान नहीं आते लोग अपनों से बे-कैफ़ी [...]

एक वो मोहब्बत

वो मोहब्बत भी कितनी अजीब होती है, जो केवल अफ़साना बनने के लिये होती है... वो मोहब्बत जो कभी लवों पे नहीं आती, जो इक सन्नाटे सी पसरी रहती है, कभी हँसी की झंकार में नहीं फूटती वो मोहब्बत जो ख़ामोशी की सफ़ेद चादर में लिपटी होती है वो मोहब्बत जो सबको नहीं होती है.... [...]