साधारण आदमी

एक आदमी था हर सुबह लंच बॉक्स टांगकर साइकिल पर फ़ैक्ट्री जाता था, और शाम ढले वैसे ही वापस लौट आता था। माँ कहती थी बहुत अच्छा, इमानदार आदमी था। कल हार्टअटैक आया फ़ैक्ट्री में ही और मर गया, हर रोज़ की तरह सुबह गया था मगर शाम को लौटा नहीं पर माँ कह रही … Continue reading साधारण आदमी

प्रेम: जिसमें प्रेमी की मात्र एक छुअन से देह लजा जाए….

कावेरी ने सोहम की तस्वीर पर हाथ फेरते हुए पूछा, और इसे तुम आकांक्षा कहते हो? "दो वक़्त की दाल रोटी, दो शब्द प्यार के रात में सोने से पहले, जैसे तुम कहते हो मुझसे हुए हर एक संवाद के अन्त में, 'अपना ख़्याल रखना। माह में एक बार तुम्हारे साथ हाथ में हाथ डालकर … Continue reading प्रेम: जिसमें प्रेमी की मात्र एक छुअन से देह लजा जाए….