जीवन की औपचारिकता

टीवी न्यूज़ देखती हूँ तो घबराहट होने लगती है, वेब सीरीज़ में समझ ही नहीं आता देखें क्या सब एक से बढ़कर एक उबाऊ और एक-रूप से कार्यक्रम, धारावाहिक देखकर बहुत अधिक ही बोरियत हो जाती है, परन्तु जब किताबें कहानियाँ पढ़ती हूँ तो सब पीछे छूटने लगता है, मानो मेरा होना कहीं खोने सा [...]

Bradbury in his youth believes- prose

Throughout his youth, Bradbury was an avid reader and writer and knew at a young age that he was "going into one of the arts." Bradbury began writing his own stories at age 11 (1931), during the Great Depression- sometimes writing on the only available paper, butcher paper. In his youth, he spent much time [...]