जुर्म क्या था हमारा?

इन मासूम नज़रों में दहकते सवाल हैं अनेकों हाँ ये मर चूके हैं मगर ज़िन्दों से ज़्यादा सवाल मुर्दे पूछते हैं क्योंकि उन्हें कोई ख़ौफ़ नहीं होता है, और आज ये पूछ रहें हैं किसने मारा हमें और जुर्म क्या था हमारा? तो शायद यही जवाब होगा ••• सबसे बड़ा जुर्म है इस दुनिया में [...]

आँखें उसकी…

वो बात नहीं करता लवों से पर उसका क्या जो आँखें उसकी इतना कुछ कह जाती हैं ढूँढती हैं थक जाती हैं देख के चेहरे को एक ही क्यूँ सुकून पाती हैं कभी शिकायत करती हैं कभी अपनापन जताती हैं तो कभी फेंर के नज़रों को नाराज़ भी हो जाती हैं वो चुप खड़ा रहता [...]

फिर क्या

घर से निकला था कुछ करने को भीड़ से अलग होने को पर जिस भी ओर अकेले चलने को सोचा सामने एक मजमा पहले से खड़ा पाया, फिर क्या वहाँ रूकता तो मैं कहाँ रहता गुम हो जाता या किसी के पैरों तले कुचला जाता इसी डर से वापस घर लौट आया @NidhiSuryavansi

Poetry- My mother said

What we can give to our mothers thinking whole day And seeing listening to all how they are posting images with their mothers and thanking her For being their strength Showing love to giving her gifts Was listening a women was talking that how she always used to take ‘black rasgulla’ sweet for her mother [...]

डायरी अधूरी यादों की

डायरी अधूरी यादों की उसकी पुरानी बातों की है जिसमें लिखी उसने कहानी अपने बचपन की खो-खो की बारिश में तैरती काग़ज़ की नावों की उसके खेतों की उसके गाँवों की... कहानी, उसके धूप की उसके छावों की दास्ताँ मुश्किल सफ़र के उसकी दुखते कंधे नगें पाँवों की। कल माँ की बहुत पुरानी डायरी निकाली [...]

एक वो मोहब्बत

वो मोहब्बत भी कितनी अजीब होती है, जो केवल अफ़साना बनने के लिये होती है... वो मोहब्बत जो कभी लवों पे नहीं आती, जो इक सन्नाटे सी पसरी रहती है, कभी हँसी की झंकार में नहीं फूटती वो मोहब्बत जो ख़ामोशी की सफ़ेद चादर में लिपटी होती है वो मोहब्बत जो सबको नहीं होती है.... [...]

I love to go long in woods

I love to look up at the sky And those little lighting Stars their sighs Seeing sunset and sunrise Staring to moon and running behind the butterflies is my favourite game I love to touch the flowers, And spending so much time under the shower, I love to loose myself into music till the end [...]